Daily Panchang · Aaj Ki Tithi · भक्ति सरोवर

आज की तिथि

आज की तिथि, पंचांग के पाँचो अंग, सूर्योदय-सूर्यास्त, चंद्र-सूर्य राशि, वैदिक घड़ी और कालचक्र — सब एक स्थान पर, आपके शहर के अनुसार।

Aaj Ki Tithi
चतुर्थी
स्थान और सूर्योदय के अनुसार पंचांग लोड हो रहा है।
शनिवार, 4 जुलाई 2026 · वाराणसी
तिथिचतुर्थी
नक्षत्रधनिष्ठा
सूर्योदय05:12
वैदिक समय
कृष्ण चतुर्थी शनिवार · 4 जुलाई 2026 · वाराणसी
Quick Answer

आज की तिथि क्या है?

आज 4 जुलाई 2026 शनिवार को ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी तिथि है।
वारशनिवार
माह / पक्षज्येष्ठ कृष्ण
विक्रम संवत्2083
शक संवत्1948
संवत्सरसिद्धार्थि
अयनदक्षिणायन
ऋतुवर्षा
दिन का स्वामीशनि देव
चंद्र राशि♒ कुम्भ
सूर्य राशि♊ मिथुन
Panchang Dashboard

आज का पंचांग

तिथिकृष्ण चतुर्थी
नक्षत्रधनिष्ठा
योगप्रीति
करणबालव
सूर्योदय05:12
सूर्यास्त18:53
चन्द्रोदय
चन्द्रास्त

आज की तिथि क्या है?

आज 4 जुलाई 2026 शनिवार को ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्थी तिथि है। सूर्योदय 05:12 IST (वाराणसी) पर है।

आज का नक्षत्र

आज का नक्षत्र

आज का नक्षत्र धनिष्ठा है।

कृत्तिका नक्षत्र के बारे में और पढ़ें →
शुभ-अशुभ समय

आज का राहु काल, मुहूर्त और चौघड़िया

अशुभ काल · शुभ मुहूर्त

आज का राहु काल और मुहूर्त

🔴 राहु काल08:37 – 10:20
🟡 यमगण्ड13:45 – 15:27
🟠 गुलिक काल05:12 – 06:55
🟢 अभिजीत मुहूर्त11:35 – 12:29

आज शनिवार को राहु काल 08:37 – 10:20 है।

राहुकाल क्या है? राहुकाल हिन्दू मुहूर्त शास्त्र का एक दोषकाल है — दिन के वे विशिष्ट घंटे जिनमें नया कार्य या शुभ आरम्भ न करने की सलाह दी जाती है। किसी भी शुभ कार्य के लिए राहुकाल, गुलिक काल और यमगण्ड काल से बचना चाहिए क्योंकि ये समय अशुभ माने जाते हैं।
राहु काल के बारे में और देखें →
व्रत · त्योहार · पूजा

आज क्या करें?

🪔 त्योहार
📿 व्रत संकेत
🌙 चंद्र राशि
☀ सूर्य राशि

Quick Value

आज की त्वरित जानकारी

कैलेंडर में जाने से पहले — आज और कल की मुख्य तिथि, संवत और चौघड़िया एक नज़र में।

विक्रम 2083 · शक 1948 · सिद्धार्थि संवत्सर
मुहूर्त

आज की चौघड़िया

☀ दिन की चौघड़िया

🌙 रात की चौघड़िया

आज का वैदिक समय

विक्रमादित्‍य वैदिक घड़ी

00:00:00
घटी : पल : विपल
प्रहर
मुहूर्त
सूर्योदय
सूर्यास्त
घटी क्रम
रात/दिन
दिन
मुहूर्त = 2 घटी = 48 मिनट। प्रहर = दिन/रात का ¼ भाग (ऋतु अनुसार बदलता है)।
घटी (नाडिका)

1 दिन = 60 घटी। 1 घटी ≈ 24 मिनट।

मुहूर्त

1 मुहूर्त = 2 घटी = 48 मिनट। दिन में 30 मुहूर्त।

प्रहर (याम)

दिन के 4 + रात के 4 = 8 प्रहर। सूर्योदय/सूर्यास्त से विभाजित।

घटी, पल और विपल की जानकारी

वैदिक घड़ी के अनुसार, घटी, पल और विपल समय की सूक्ष्म इकाइयाँ हैं जो पंचांग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। एक दिन में 60 घटी होती हैं, प्रत्येक घटी लगभग 24 मिनट के बराबर होती है। एक घटी में 60 पल होते हैं, और एक पल में 60 विपल होते हैं। ये इकाइयाँ वैदिक समय के सूक्ष्म से विराट कालचक्र को समझने में मदद करती हैं।

वर्तमान वैदिक समय की गणना सूर्योदय से की जा रही है…

आज का वैदिक कालचक्र

सूक्ष्म से विराट समय-गणना

श्रीमद्भागवत 3.11 पर आधारित — त्रुटि से ब्रह्मा की आयु तक का काल।

आगे क्या है

आगामी त्योहार और व्रत-उपवास

अगले कुछ प्रमुख व्रत, त्योहार और विशेष तिथियाँ।

FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आज की तिथि कैसे निकाली जाती है?

तिथि सूर्य और चंद्रमा के सायन देशांतर के अंतर को लाहिरी अयनांश से शोधित करके, प्रत्येक 12° पर एक तिथि गिनकर निकाली जाती है। सूर्योदय के समय विद्यमान तिथि उस दिन की तिथि मानी जाती है।

क्या तिथि हर शहर में अलग होती है?

हाँ, सूर्योदय और चंद्र स्थिति स्थान-विशिष्ट हैं। इसलिए तिथि, राहु काल और प्रहर शहर के अनुसार बदल सकते हैं।

वैदिक घड़ी में घटी-पल-विपल क्या हैं?

1 दिन = 60 घटी, 1 घटी = 60 पल, 1 पल = 60 विपल। गणना सूर्योदय से आरंभ होती है।

प्रहर और मुहूर्त में क्या अंतर है?

मुहूर्त = 48 मिनट (निश्चित)। प्रहर = दिन या रात का ¼ भाग (ऋतु अनुसार बदलता है, इसलिए हमेशा 3 घंटे नहीं होता)।

यह page किस स्रोत से गणना करता है?

astronomy-engine (NASA JPL DE405/406 ग्रह-चंद्र-सूर्य गणना) + लाहिरी चित्रपक्ष अयनांश। तिथि/नक्षत्र/योग/करण सूर्योदय के समय computed हैं।

2026 में अधिक मास कब है?

2026 में अधिक ज्येष्ठ मास 17 मई से 15 जून तक है। इस कारण रक्षाबंधन, जन्माष्टमी, दीपावली आदि ~20 दिन आगे खिसक गए हैं।